मुख्य सामग्री पर जाएँ
अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का लोगोअग्रांश

परंपरा के अनुसार, अग्रोहा में

एक ईंट, एक रुपयाOne brick, one coin

जब कोई परिवार अग्रोहा में बसने आता, हर घर उसे एक ईंट और एक रुपया देता, ताकि कोई अकेला शुरुआत न करे। अग्रांश उसी वचन को आगे बढ़ाता है: समाज अपने हर सदस्य को ऊपर उठाता है।

अपना समाज, अपना साथ · एकता | सेवा | समृद्धि

आपके शहर की पहली ईंट आप रखिए

जैसे-जैसे इकाइयाँ सदस्यों का सत्यापन करती हैं, यह दीवार बढ़ती है। समाज से जुड़िए, प्रोफ़ाइल पूरी कीजिए और अपनी इकाई से सत्यापन करवाइए।

अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन — एकता | सेवा | समृद्धि

जहाँ से समाज की शुरुआत हुई

अग्रोहा

परंपरा के अनुसार, महाराजा अग्रसेन ने अग्रोहा (आज हरियाणा के हिसार ज़िले में) को समानता का नगर बनाया, जहाँ नए परिवार का स्वागत घर के लिए एक ईंट और व्यापार के लिए एक रुपये से होता था।

अठारहवें यज्ञ में पशु बलि से मुँह मोड़कर उन्होंने अहिंसा चुनी। इसी से एक गोत्र “आधा” गोत्र कहलाता है, जो बाकी सभी के बराबर है।

अग्रोहा यात्रा पढ़ें

एक समाज, अठारह गोत्र

18 गोत्र चक्र

परंपरा के अनुसार हर गोत्र एक ऋषि से जुड़ा है। सब मिलकर एक परिवार हैं।

किसी गोत्र के कम से कम पाँच सत्यापित सदस्य गोत्र साझा करें, तब गिनती दिखेगी।

गोत्र चक्र खोलें
गर्गगोयलगोयनबंसलकंसलसिंघलमंगलजिंदलतिंगलऐरणधारणमधुकुलबिंदलमित्तलतायलभंदलकुच्छलनांगल18गोत्र

आने वाले कार्यक्रम

समाज पंचांग

अभी कोई कार्यक्रम घोषित नहीं है। आपकी इकाई पहला आयोजन कर सकती है।
पूरा पंचांग खोलें

ठहरने का स्थान

आपके पास धर्मशाला

यहाँ अभी कोई सत्यापित धर्मशाला सूचीबद्ध नहीं है। क्या आप किसी को जानते हैं? समाज के लिए उसे जोड़िए।

धर्मशाला जोड़ें

चल रहे सेवा अभियान

समाज की सेवा

अभी कोई सेवा अभियान नहीं चल रहा। रक्तदाता के रूप में पंजीकरण कीजिए, ताकि ज़रूरत पड़ने पर परिवार आप तक पहुँच सकें।

समाज की सेवाएँ

समाज की सभी सेवाएँ, एक ही स्थान पर।

आपकी गोपनीयता सबसे पहले

आपकी सहमति के बिना आपका फ़ोन नंबर और पता किसी अन्य सदस्य को नहीं दिखाया जाता। आप कभी भी अपना डेटा डाउनलोड या हटा सकते हैं।